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Monday, March 14, 2011

उल्‍टे अक्षरों से लिख दी भागवत गीता:




उल्‍टे अक्षरों से लिख दी भागवत गीता:



मिरर इमेज शैली में कई किताब लिख चुके हैं पीयूष : आप इस भाषा कोदेखेंगे
तो एकबारगी भौचक्‍क रह जायेंगे. आपको समझ में नहीं आयेगा कि यहकिताब किस
भाषा शैली में लिखी हुई है. पर आप ज्‍यों ही शीशे के सामनेपहुंचेंगे तो
यह किताब खुद-ब-खुद बोलने लगेगी. सारे अक्षर सीधे नजरआयेंगे. इस मिरर
इमेज किताब को दादरी में रहने वाले पीयूष ने लिखा है. इसतरह के अनोखे
लेखन में माहिर पीयूष की यह कला एशिया बुक ऑफ वर्ल्‍डरिकार्ड में भी दर्ज
है. मिलनसार पीयूष मिरर इमेज की भाषा शैली में कईकिताबें लिख चुके
हैं.उनकी पहली किताब भागवद गीता थी. जिसके सभी अठारह अध्‍यायों को
इन्‍होंनेमिरर इमेज शैली में लिखा. इसके अलावा दुर्गा सप्‍त, सती छंद भी
मिरर इमेजहिन्‍दी और अंग्रेजी में लिखा है. सुंदरकांड भी अवधी भाषा शैली
में लिखाहै. संस्‍कृत में भी आरती संग्रह लिखा है. मिरर इमेज शैली
मेंहिन्‍दी-अंग्रेजी और संस्‍कृत सभी पर पीयूष की बराबर पकड़ है. 10
फरवरी1967 में जन्‍में पीयूष बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं.डिप्‍लोमा
इंजीनियर पीयूष को गणित में भी महारत हासिल है. इन्‍होंने बीजगणित को बेस
बनाकर एक किताब 'गणित एक अध्‍ययन' भी लिखी है. जिसमेंउन्‍होंने पास्‍कल
समीकरण पर एक नया समीकरण पेश किया है. पीयूष बतातेंहैं कि पास्‍कल एक
अनोखा तथा संपूर्ण त्रिभुज है. इसके अलावा एपी अधिकारएगंल और कई तरह के
प्रमेय शामिल हैं. पीयूष कार्टूनिस्‍ट भी हैं. उन्‍हेंकार्टून बनाने का
भी बहुत शौक है.

Friday, March 11, 2011

inspiration thoughts of piyushdadriwala

1.Zero in left no mean,Zero in right,a lot mean,so do right..
2.The whole world "say" and "say" ,few do ,and one win.
3.Patience and Passion,count the fishes.
4.Life is not foot ball,some one comes and kick off for own goal.
5.Smiles goes miles,but who feels tired while smiling,smiles miles away from.
6.There is a wall between success and failure,now your turn which side you jump.
7.There is only relation between Man and Money ,that is Relation.
8.As a point helps draw a big circle,so do small thing with Big thinkin a great way.
9.In life opportunities like a cone in the begging lot you have,and atthe end only a point of end.
10.The way you think ,the road you get.